बिहार चुनाव विधानसभा चुनाव 2020: SC और ST के लिए रिजर्व हैं बांका और कटिहार जिले कि सीटें

बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र अगर भागलपुर प्रमंडल के इन दो जिलों कि बात न कि जाये तो बात कुछ जमेगी नहीं। ये दोनों वो जिले है जो भागलपुर प्रमंडल में राजनीति के हर रंग दिखाते हैं। दोनों जिलों में विधानसभा सीटों की संख्या 12 है। बांका में अनुसूचित जनजाति के लिए एक सीट कटोरिया रिजर्व है। अनुसूचित जाति के लिए दो सीटें सुरक्षित हैं। बांका में धोरैया और भागलपुर में पीरपैंती। इन जिलों में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की भागीदारी दिखती है।कुल मिलाकर कह सकते है कि भागलपुर और बांका की जनता ने सभी प्रमुख राजनीतिक दलों में दिलचस्पी दिखाई है। इस बार राजनीतिक माहौल थोड़ा बदला-बदला है।तो इस बार जनता क्या फैसला करती है देखना दिलचस्प होगा।

इस तरह की राजनीतिक और भौगोलिक बनावट दूसरे किसी भी जिले में देखने को नहीं मिलती है। बांका में पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। दो पर जदयू, दो पर राजद और एक पर भाजपा का कब्जा है। अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित कटोरिया सीट पर राजद की स्वीटी सीमा हेंब्रम का कब्जा है। उन्होंने भाजपा की निक्की हेंब्रम को 11 हजार से अधिक वोटों से पराजित किया था। इसी तरह बांका सीट पर भाजपा का कब्जा रहा। यहां के विधायक रामनारायण मंडल राज्य सरकार में भूमि एवं राजस्व सुधार मंत्री हैं।

वही अमरपुर सीट पर जदयू के जनार्दन मांझी का कब्जा है। पूरे बिहार में बांका और कटिहार ही दो ऐसे जिले हैं, जहां अनुसूचित जाति और जनजाति दोनों के लिए सीटें रिजर्व हैं। बांका की धोरैया सीट पर जदयू के मनीष कुमार का कब्जा है। इन्होंने रालोसपा के भूदेव चौधरी को 24 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था। भागलपुर में भी दो सीटों पर राजद, तीन पर जदयू और दो सीटों पर कांग्रेस का कब्जा है। कांग्रेस के कद्दावर नेता सदानंद सिंह नौ बार कहलगांव से विधायक रह चुके हैं। ये बिहार विधानसभा के अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। कांग्रेस पार्टी में उनका कद अहम माना जाता है।

इसके अलावा भागलपुर के शहरी सीट पर लगातार कई वर्षों तक भाजपा का कब्जा रहा है, लेकिन पिछले चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस ने चुनावी समर में सेंध मारकर भाजपा की परंपरागत सीट को झटक लिया। सुल्तानगंज, गोपालपुर और नाथनगर सीट पर क्रमश: सुबोध राय, नीरज कुमार उर्फ गोपाल मंडल और लक्ष्मीकांत मंडल चुने गए हैं। लक्ष्मीकांत मंडल उपचुनाव में विधायक बने। इससे पूर्व नाथनगर के विधायक अजय मंडल थे, जो लोकसभा चुनाव जीत गए। बिहपुर सीट पर पूर्व सांसद बूलो मंडल की पत्नी वर्षा रानी का कब्जा है। यह सीट राजद के खाते में है। पीरपैंती अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित क्षेत्र है। यहां राजद के रामविलास पासवान विधायक हैं।

Laxmi Chaurasia

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